MP: ऐशबाग में खौफ का दूसरा नाम बना शाहिद कबाड़ी, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप

राजधानी भोपाल के थाना ऐशबाग अंतर्गत बिहार मोहल्ला एक बार फिर दहशत के साये में है, जहां वर्षों से कुख्यात आरोपी शाहिद कबाड़ी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा।
वर्ष 2020 से लेकर अब तक उसके खिलाफ अलग-अलग लोगों द्वारा 9 से 10 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इलाके में उसका दबदबा कायम है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई परिवार अपने ही मकान छोड़कर किराए के घरों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।
आरोप है कि यह आरोपी न केवल आम लोगों को डराता-धमकाता रहा, बल्कि महिलाओं और बच्चों तक को निशाना बनाता रहा है। 4 अप्रैल 2022 की एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, जब एक महिला और नाबालिग लड़की के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद भी वर्ष 2022 और 2023 में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आती रहीं, जिससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश और भय दोनों गहराता गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई कर सख्त संदेश देने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद अपराधों की रफ्तार पर लगाम नहीं लग सकी। बताया जा रहा है कि आरोपी शाहिद कबाड़ी और उसके पुत्र साहिल पर भी लगभग समान रूप से अपराध दर्ज हैं, जिससे यह मामला और अधिक चिंताजनक बन गया है।
अब जब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है, तो आरोपी ने पलटवार करते हुए थाना ऐशबाग पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं कि उससे लगातार पैसे की वसूली की जा रही है। इस आरोप के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है।
सवाल यह उठता है कि आखिर इतने मामलों के बावजूद आरोपी पर निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई, और क्या अब पुलिस इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगी।
क्षेत्र की जनता अब केवल एक ही मांग कर रही है—खौफ के इस अध्याय का अंत और कानून का सख्त राज।
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